दुनिया में चलोगे तो रास्ते पर पत्थर,रेत,कीचड़ सब मिलेगा| हम पूरी धरती पर कालीन नहीं बिछा सकते, बस खुद के पैरों में जूते पहन सकते हैं| यही बात चरित्र,सोच,विचार और व्यवहार पर लागू होती है| बुराई तो हमेशा रहेगी, फर्क इस बात से पड़ता है कि खुद को इस से बचाने के लिए आपने क्या किया..?
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